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कॉकटेल (Cocktail)

मिश्रित एल्कॉहलिक पेय को कॉकटेल कहते हैं। इसमें एक या अधिक एल्कॉहलिक पेय (मदिरा) के साथ फलों का रस, सोडा, चीनी, बिटर्स[1] और मसाले मिले होते हैं। कॉकटेल सामान्यतया अधिक स्वादिष्ट और मीठे पेय होते हैं जो अक्सर पार्टी और उत्सवों में पिये जाते हैं। इन्हें बनाने में अपेक्षाकृत सस्ती मदिराओं का प्रयोग होता है और इनसे पर्याप्त मात्रा में जलीय और पोषक तत्व मिले होने के कारण इनके पीने से डीहाइड्रेशन और हैंगओवर की सम्भावना अपेक्षाकृत कम होती है।

कॉकटेल बनाते समय आप अपने स्वादानुसार प्रयोग करके अनेकों नये पेय बना सकते हैं। परन्तु इस प्रक्रिया में गलतीयों से बचने के लिये सबसे अच्छा तरीका है कि पहले आप प्रचलित कॉकटेल के बारे में जानिये और उससे मिलता जुलता आपको अच्छा लगने वाला मिश्रण तैयार कीजिये।

प्रस्तुत है सबसे अधिक प्रचलित और अपेक्षाकृत आसानी से बनाये जा सकने वाले 5 कॉकटेल।

मार्टीनी

मार्टीनी

1. मार्टीनी (Martini)

सामग्री: जिन[2] (Gin), ड्राई वरमूथ[3] (Dry Vermouth), जैतून (Olive)/नींबू का छिलका

गिलास: मार्टीनी ग्लास

1.5 आउन्स[4] (45 मिली) जिन और 0.75 आउन्स (22 मिली) ड्राई वरमूथ को अच्छी तरह से मिलाकर मार्टीनी ग्लास में जैतून या नींबू के छिलके के साथ परोसें। जिन के स्थान पर इसमें वोडका भी मिला सकते हैं, उस स्थिति में इसे वोडका मार्टीनी कहते हैं।

मोहीटो

मोहीटो

2. मोहीटो (Mojito)

सामग्री: लाइट रम, लाइम जूस, चीनी, क्लब सोडा, पोदीना पत्ती

गिलास: हाईबॉल ग्लास

सबसे पहले पोदीना पत्ती, दो चम्मच चीनी और थोड़ा सोडा वाटर मिलाकर चीनी को घुलने दें। अब उसमें बर्फ के टुकड़े, दो या तीन आउन्स लाइट रम और एक आउन्स लाइम जूस मिलाकर अच्छी तरह से हिलायें। अब पिसी हुई बर्फ से भरे हाईबाल ग्लास में इस मिश्रण को सोडे के साथ डालकर उसके ऊपर 2-3 पोदीना पत्ती के साथ परोसें।

पीना कोलाडा

पीना कोलाडा

3. पिना कोलाडा (Pina Colada)

सामग्री: लाइट रम, नारियल दूध (Coconut milk) या मालिबू रम, अनन्नास (Pineapple)

गिलास: हाईबॉल या कॉलिंस ग्लास

नारियल दूध ताजे नारियल के गूदे को बराबर मात्रा में पानी के साथ पीसने के बाद छानकर बनाया जाता है। यह नारियल पानी से अलग है। तो मोहीटो बनाने के लिये 3 आउन्स लाइट रम में 3 बड़े चम्मच नारियल दूध और 3 बड़े चम्मच अनन्नास के टुकड़े मिलाकर उसे मिक्सी में बर्फ के साथ बहुत कम समय के लिये पीसें और फिर गिलास में कुछ अनन्नास के टुकड़ों के साथ परोसें। नारियल दूध के स्थान पर मालिबू रम का भी प्रयोग किया जा सकता है। यह एक नारियल के स्वाद की लाइट रम है। इससे पिना कोलाडा बनाने के लिये दो भाग मालिबू रम में दो भाग अनन्नास का रस और एक भाग दूध या मलाई मिलाकर उसे बर्फ के साथ पीसते हैं।

मार्गरीटा ग्लास

मार्गरीटा ग्लास

4. मार्गरीटा (Margarita)

सामग्री: टेक़ीला[5], ट्रिपल सेक[6], लाइम जूस और नमक

गिलास: मार्गरीटा ग्लास

मार्गरीटा ग्लास के किनारे (rim) पर लाइम जूस लगा कर उसे नमक में डुबाइये जिससे नमक उसके किनारों पर चिपक जायेगा। अब 1.5 आउन्स टेक़ीला, 0.5 आउन्स ट्रिपल सेक और 1 आउन्स लाइम जूस मिलाकर अच्छी तरह से हिलाइये। अब इसे नमक लगे मार्गरीटा ग्लास में डालकर परोसें।

ब्लडी मेरी

ब्लडी मेरी

5. ब्लडी मेरी (Bloody Mary)

सामग्री: वोडका, टमाटर का रस, वॉस्टरशियर सॉस[7], टबास्को सॉस[8], नींबू, नमक, पिसी काली मिर्च

गिलास: ओल्ड फ़ैशन्ड ग्लास या हाईबॉल ग्लास

1.5 आउन्स वोडका, 3 आउन्स टमाटर का रस, आधे नींबू का रस, आधा चम्मच वॉस्टरशियर सॉस और 2-3 बूँद टबास्को सॉस मिलाकर अच्छी तरह से मिलायें। अब लोबॉल ग्लास के किनारों पर नींबू का रस लगाकर उस पर नमक चिपकायें और मिश्रण को गिलास में डालकर उसमें स्वादानुसार नमक और पिसी हुयी काली मिर्च के साथ परोसें।

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। वर्ष 2009 आपके जीवन में सुख, समृद्धि और अपार खुशियाँ ले कर आये।

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[1] बिटर जड़ी-बूटियों और फलों के रस के मिश्रण से बने एल्कॉहलिक पेय को कहते हैं। इसका स्वाद कड़वा या कड़वा मीठा होता है। इसका प्रयोग कॉकटेल में एक अलग प्रकार का स्वाद लाने में होता है।
[2] जिन (Gin) जूनिपर बेरी और अनाजों से बनाई जाने वाली रंगहीन स्प्रिट है।
[3] वरमूथ (Vermouth) इटली की प्रसिद्ध फ़ोर्टीफ़ाइड वाइन है जिसमें सुगन्धित जड़ी बूटियाँ और मसाले मिले होते हैं। बिना मीठी वरमूथ को ड्राई वरमूथ कहते हैं।
[4] एक आउन्स में लगभग 30 मिली लीटर होते हैं (1 US fluid ounce = 29.5735296 ml)
[5] टेक़ीला या टक़ीला (Tequila) मैक्सिको में अगेव नामक पौधे से बनाई जाने वाली मदिरा है।
[6] ट्रिपल सेक (Triple sec) एक सन्तरे के स्वाद की मीठी मदिरा अर्थात लिकूर (liqueur) है। जो सूखे सन्तरे के छिलकों को ब्रांडी या लाइट रम में डालकर बनाया जाता है।
[7] वॉस्टरशियर सॉस (Worcestershire sauce) लहसुन, इमली, सोय सॉस, प्याज, सिरका, शीरा और नींबू आदि से मिलकर बना होता है। इसे सर्वप्रथम अंग्रेजों ने भारत में बनाया था और इसका नाम एक ब्रिटिश काउन्टी के नाम पर है जहाँ यह सबसे पहले बोतल बंद हुआ।
[8] टबास्को सॉस (Tabasco sauce) अमेरिका में पायी जाने वाली एक प्रकार की विशेष लाल मिर्च (टबास्को) और सिरके से बनाया जाता है।

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वाइन (Wine)

वाइन मुख्यतः अंगूर के रस के किण्वन से बनाई जाती है। अन्य फलों के रस से बनाई गयी वाइन को सामान्यतया फ़्रूट वाइन, कन्ट्री वाइन या फल के नाम पर वाइन बोला जाता है जैसे एप्पल वाइन, प्लम वाइन इत्यादि। बियर की भाँति ही वाइन भी एक अनासवित मदिरा है, परन्तु कुछ प्रकार की वाइन में कुछ मात्रा में आसवित स्प्रिट ब्राण्डी मिलाई जाती है जिससे कि वाइन का किण्वन रुक जाता है और उसमें एल्कॉहल का प्रतिशत भी बढ़ जाता है। इस प्रकार की वाइन को दृढ़ीकृत वाइन या फ़ोर्टीफ़ाइड वाइन कहते हैं। पोर्ट वाइन (पुर्तगाल) , शेरी (स्पेन), वरमूथ (Vermouth, इटली), मदीरॉ (Madeira, पुर्तगाल) और जिंजर वाइन (इंगलैंड) प्रमुख फ़ोर्टीफ़ाइड वाइन हैं। ये स्वाद में मीठी होती हैं इसलिये इन्हें डेज़र्ट वाइन भी कहते हैं। सभी प्रकार की वाइन मुख्यतः खाने के साथ, उसके पहले या बाद में पी जाती हैं। इसके अलावा कुछ प्रकार की वाइन में कार्बन डाई ऑक्साइड की सार्थक मात्रा होती है इन्हें स्पार्कलिंग वाइन कहते हैं। इनमें कार्बन डाई ऑक्साइड बियर की भाँति किण्वन के फलस्वरूप प्राकृतिक रूप से भी हो सकती है और कृत्रिम रूप से भी डाली गयी हो सकती है। शैम्पेन (Champagne) एक प्रसिद्ध स्पार्कलिंग वाइन है जो कि फ्रांस के शैम्पेन इलाक़े में बनती है।

वाइन भी एक ऐतिहासिक मदिरा है। इस्राइल, ज्योर्जिया, इरान, चीन, यूनान और मिस्र देशों में 6000 वर्ष ईसा पूर्व भी इसके बनाये जाने के प्रमाण मिले हैं। पुराकाल से ही वाइन उत्सव, शुभ कार्य और सामूहिक भोज का अटूट अंग रहा है। प्राचीन काल के बहुत से धार्मिक संस्थान (मुख्यतः चर्च) भी वाइन पीने को बढ़ावा देते थे और उन्होंने बियर पीना निषिद्ध कर रखा था क्योंकि ये बर्बर लोगों का पेय माना जाता था जबकि वाइन सभ्य लोगों का। वैसे वाइन और बियर के प्रशंसकों के बीच यह घमासान अभी तक चला आ रहा है। फ्रांस आज एक प्रमुख वाइन उत्पादक देश है, इसके अलावा इटली, स्पेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी विश्व भर में अच्छी मात्रा में वाइन निर्यात करते हैं।

वाइन में एल्कोहल का प्रतिशत 9 से 30% तक हो सकता है, परन्तु साधारणतः सामान्य वाइन में 12-15% और फ़ोर्टीफ़ाइड वाइन में 20-25% तक एल्कॉहल होता है। वाइन का नामांकन उसके बनने के स्थान या उसे बनाने में प्रयुक्त अंगूर की किस्म पर किया जाता है। यदि किसी वाइन में 75% से अधिक एक ही किस्म का अंगूर प्रयुक्त होता है तो उसे वेराइटल वाइन कहते हैं जैसे मर्लो (Merlot), कैबर्ने सोवेन्यों (Cabernet Sauvignon), शार्डने (Chardonnay), पिनॉ नोआर (Pinot noir) इत्यादि। इसके विपरीत मिश्रित या ब्लेंडेड वाइन में कई किस्म के अंगूर प्रयुक्त होते हैं और इन्हें मुख्यतः इनके बनने के स्थान के नाम से जाना जाता है जैसे बोर्डो (Bordeaux), शॉटो (Chateau) इत्यादि। विंटेज वाइन एक ही मौसम के अंगूर से बनाई जाती हैं और उन पर वह वर्ष अंकित होता है।

साधारण भाषा में वाइन के रंग के आधार पर इन्हें रेड वाइन रोज़ वाइन और व्हाइट वाइन में बाँटा जाता है। वाइन एक महँगी मदिरा है, भारतीय वाइन की एक बोतल (750 ml) 200 रूपये से 1,000 रुपये तक होती है जबकि आयातित वाइन 600 रुपये से लेकर 5,000 रुपये या उससे भी महँगी हो सकती है।

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