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प्रमुख लागर बियर

इस पोस्ट में कुछ प्रमुख लागर बियर के बारे में जानते हैं। लागर बियर बनाने में ऐसा यीस्ट प्रयोग में लाया जाता है जो नीचे अर्थात मातृद्रव के सतह में किण्वन करता है। यह अपेक्षाकृत कम तापमान पर बनाई जाती है जिससे कि इसमें ईस्टर इत्यादि नहीं बनते हैं और बियर में फलों जैसा स्वाद नहीं आ पाता है। 20 वीं सदी के मध्य में सतत किण्वन विधि के विकसित होने से लागर बियर का उत्पादन औद्योगिक स्तर पर बहुतायत में होने लगा और इसने व्यापार के मामले में एल बियर को कहीं पीछे छोड़ दिया। जर्मन शब्द ‘लागर’ का अर्थ होता है ‘भण्डारण’। इस बियर की सफलता का राज इसके स्वाद में नियमितता, साफ रंग और लम्बे समय तक संचयित करके रखे जाने की क्षमता है। लागर बियर के प्रकार मुख्यतः उनके प्राथमिक उत्पादन स्थल या विशिष्ट विधि के नाम पर निर्भर करते हैं।

पेल लागर (Pale lager): हल्के पीले से सुनहरे रंग की यह बियर सबसे अधिक बनायी जाने वाली लागर है। इसे बनाने की विधि पेल एल के उत्पादन से उद्धृत होने के कारण इसे पेल लागर कहते हैं। अमेरिकी बियर बडवाइज़र (जो अब भारत में भी उपलब्ध है) इसी प्रकार की बियर है।

बॉक (Bock): बॉक एक स्ट्रॉंग लागर बियर है जो सर्वप्रथम 14वीं सदी के जर्मन शहर आइन्बेक (Einbeck) में बनाई जाती थी। वहीं से इसका नाम पहले आइन्बॉक (Einbock) और फिर बॉक पड़ा। इसका रंग सामान्यतः गहरा काला, लाल या अम्बर होता है और ये सामान्य बियर से अधिक भारी होती है।

पिल्ज़नर (Pilsner): यह एक प्रकार की पेल लागर बियर है जो चेक गणराज्य के पिल्ज़ेन (Pilsen) शहर के नाम पर आधारित है। इसमें हॉप्स का स्वाद पेल लागर से कहीं अधिक और अलग होता है। सामान्यतः विशिष्ट पेल लागर को इस श्रेणी मे रखा जाता है। इसे पिल्स (Pils) भी कहते है।

डंकल (Dunkel): यह स्टाउट बियर की भांति ही एक गहरे रंग की माल्टी (malty) बियर है, अन्तर बस इतना कि यह लागर बियर है। जर्मन में डंकल (Dunkel) का अर्थ है गहरा (dark)। यह जर्मनी के म्यूनिख़ शहर की परम्परागत बियर है।

इसके अलावा अमेरिकन स्टाइल लागर (American-style lager), वियना लागर (Vienna lager) इत्यादि कुछ अन्य प्रमुख लागर बियर हैं।

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