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दिल्ली में विदेशी मदिरा के दाम की सूची

दिल्ली प्रदेश औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास प्राधिकरण (Delhi State Industrial & Infrastructure Development Corporation Ltd / DSIIDC) की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अनुसार दिल्ली प्रदेश में विदेशी आयातित मदिरा (Imported Liquor) और भारत में बनी विदेशी मदिरा (IMFL) के दाम नीचे दिये गये लिंक पर देखे जा सकते हैं।

आयातित मदिरा :
http://www.dsiidc.org/dsidc/upload/ratefl.txt

आई एम एफ़ एल :
http://www.dsiidc.org/dsidc/upload/rate.txt

साथ ही इस वेबसाइट पर दिल्ली सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दुकानों की सूची भी उपलब्ध है।
http://www.dsiidc.org/dsidc/liquorshop.html

किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिये इस साइट के माध्यम से शिकायत भी दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित अधिकतम मदिरा मूल्य सूची यहाँ से डाउनलोड की जा सकती है।

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History of Beer

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कुछ प्रसिद्घ एल

एल ऊपरी किण्वन करने वाले यीस्ट (top fermenting yeast) से बनाई जाती है तथा इसका किण्वन सामान्य से अधिक ताप (15-23 oC) किया जाता है। अधिक ताप पर एल बियर यीस्ट प्रचुर मात्रा में ईस्टर (esters) बनाता है जिसकी वजह से बियर में सेब, नाशपाती, अनन्नास, केला, सूखी घास, बेर और आलूबुखारे इत्यादि से मिलती जुलती सुगन्ध और स्वाद आते हैं। इस पोस्ट में कुछ प्रचलित एल बियर के बारे में जानते हैं।

पेल एल (Pale Ale): यह हल्के रंग के अनाज से बनाई गयी एल है जिसका रंग 8 से 14 oSRM के बीच होता है। यद्यपि आजकल मिलने वाली कई बियर इससे हल्के रंग की होती है, परन्तु इसका नामकरण समकालीन ब्रिटिश पोर्टर और अन्य गहरे रंग की बियर की तुलना में किया गया था। इंगलैण्ड की बिटर (Bitter), स्कॉटलैंड की हैवी (Heavy) और इंडिया पेल एल (India Pale Ale/IPA), अमेरिका की अमेरिकन पेल एल (American Pale Ale) और जर्मनी की आल्ट्बीयर (Altbier या Alt) कुछ प्रमुख पेल एल हैं।

इनमें से इंडिया पेल एल (India Pale Ale/IPA) 17 वीं सदी में भारत में तैनात ब्रिटिश सैनिकों के लिये बनायी गयी बियर थी जिसमें साधारण से अधिक मात्रा में हॉप्स का प्रयोग किया जाता था ताकि लम्बी समुद्री यात्रा के बाद भी बियर खराब न हो। उस समय यह बियर केवल भारत को निर्यात के लिये ही बनाई जाती थी। परन्तु धीरे धीरे ब्रिटिश सैनिकों को इस बियर का स्वाद अच्छा लगने लगा और वापस लौटकर भी उन्होंने इसकी मांग की और आज भी यह बियर इंडिया पेल एल (India Pale Ale) या आई पी ए (IPA) के नाम से मिलती है। ये बियर सामान्य से अधिक कड़वी होती है और इसका IBU 40 से अधिक होता है।

पोर्टर (Porter): यह गहरे रंग के अनाज से बनी एल बियर है जिसका नाम 18वीं सदी में लंदन के स्ट्रीट और रिवर पोर्टर (सामान वाहक) के नाम पर पड़ा। अधिक एल्कॉहल वाली पोर्टर को स्ट्राँग पोर्टर, डबल पोर्टर या स्टाउट पोर्टर कहा जाता था जो कि आगे चलकर सिर्फ़ स्टाउट (Stout) कहा जाने लगा। आयरलैंड की गिनेस (Guinness) एक एक्सट्रा स्टाउट बियर है। इसका रंग 17 से 40 oSRM के बीच और IBU 18 से 50 तक होता है। इन बियर में अधिक मात्रा में माल्ट के प्रयोग से ये सामान्य से भारी होती हैं (विशिष्ट घनत्व 1.066 – 1.095)।

बार्ली वाइन (Barley wine): इनमें एल्कॉहल प्रतिशत 9 -12 तक (वाइन के बराबर) होता है अतः इसे बार्ली वाइन बोला जाता है परन्तु फलों के बजाय अनाज (जौ) से बनाई जाने के कारण यह एक बियर ही है। इसका रंग 12 से 24 oSRM के बीच और IBU 50 से 100 तक होता है। ये बियर 1.090 – 1.120 विशिष्ट घनत्व तक के मातृद्रव से बनायी जाती हैं जो कि सामान्य से काफी अधिक है।

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बियर के प्रकार

बियर के प्रकार या सही मायने में इसे शैली कहें तो मुख्यतः दो भागों में बाँट सकते हैं। एल (Ale) और लागर (Lager)। जैसा कि मैनें बियर पर अपनी पहली पोस्ट में भी लिखा था कि एल ऊपरी किण्वन करने वाले यीस्ट (top fermenting yeast) से बनाई जाती है जबकि लागर नीचले किण्वन करने वाले यीस्ट (Bottom fermenting yeast) से बनाई जाती है। बड़ी मात्रा में औद्योगिक स्तर पर बनाई जा सकने के कारण लागर बीयर सस्ती और अधिक प्रचलित होती है। इसके विपरीत एल बियर साधारणतः छोटे स्तर पर बनाई जाती है और अपेक्षाकृत महंगी होती है। यह वर्गीकरण तो हुआ बियर बनाने वाले यीस्ट के आधार पर। इन दोनों ही प्रकार की बियर में बनाने की विधि, रंग, स्वाद, अवयव, इतिहास और मूल स्थान के कारण और कई विविधतायें पायी जाती हैं। इस पोस्ट में हम बियर की इन्ही विविधताओं के बारे में जानते हैं।

कुछ प्रमुख एल हैं – ब्राउन एल (Brown Ale), पेल एल (Pale Ale), पोर्टर (Porter), स्टाउट (Stout), बार्ली वाइन (Barley Wine), बेल्जियन ट्रिपल (Belgian Trippel), बेल्जियन डबल (Belgian Dubbel) और व्हीट बियर (Wheat beer)।

प्रमुख लागर हैं – अमेरिकन स्टाइल लागर (American-style lager), बॉक (Bock), डंकल (Dunkel), हेलेस (Helles), ऑक्टोबरफ़ेस्टबीयर (Oktoberfestbier), पिल्ज़नर (Pilsner), श्वार्ज़बीयर (Schwarzbier) और वियना लागर (Vienna lager)।

इसके अलावा बेल्जियन लैम्बिक (Belgian Lambic), स्टीम बियर (Steam Beer), फ्रूट और वेजिटेबल बियर, हर्ब्स और स्पाइस्ड बियर इत्यादि कुछ अन्य प्रकार की बियर हैं।

इसके अलावा बियर शब्दावली में दो और नाम प्रसिद्ध हैं ड्रैफ़्ट बियर (Draught Beer) और क्राफ़्ट बियर (Craft Beer)। ड्रैफ़्ट बियर बड़े बंद बर्तन, जिसे केग (Keg) कहते हैं, में लगे नल (tap) से निकाल कर पी जाती है। अत: सामान्यतः बार या पार्टी में देखी जाती है। छोटी ब्र्यूवरी में सीमित मात्रा में बनी बियर को क्राफ़्ट बियर कहते हैं।

आने वाली पोस्टों में इस पोस्ट में बताई गयी कुछ बियर के बारे में और जानकारी लेंगे।

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