साइडर (Cider)

साइडर सेब के रस से बना एल्कॉहलीय या बिना एल्कॉहलीय पेय है। अमेरिका सहित कई देशों में एल्कॉहलीय साइडर को हार्ड साइडर कहते हैं। सेब के अतिरिक्त इसे बनाने में कभी कभी नाशपाती (Pear) का भी प्रयोग किया जाता है और इससे बने साइडर को पियर साइडर (Pear Cider) या पेरी (Perry) कहा जाता है। बिना एल्कॉहल का साइडर केवल सेब या सेब और नाशपाती के मिश्रण का प्रसंस्कृत रस (processed juice) होता है। एल्कॉहलीय साइडर सेब के रस के किण्वन से बनाया जाता है और इसमें 3 से 8 प्रतिशत तक एल्कॉहल होता है। साइडर इंग्लैंड सहित पश्चिमी यूरोपीय देशों में अधिक प्रचलित है। इसे बनाने के लिये कई विशेष प्रकार के मीठे और खट्टे सेबों के रस को मिलाया जाता है जिससे कि इसके स्वाद का अनूठापन हमेशा एक सा बना रहे और अलग अलग बैच के साइडर के स्वाद में विविधता न आये। इसका किण्वन भी सामान्य से कम ताप (5-15oC) पर किया जाता है ताकि स्वाद और महक बरकरार रहे। दिखने में ये स्पार्कलिंग वाइन या शैम्पेन की तरह लगता है।
Advertisements

6 टिप्पणियाँ

Filed under कॉकटेल, मदिराओं के प्रकार

6 responses to “साइडर (Cider)

  1. अच्छी जानकारी। इसके घरेलू औषधीय प्रयोग भी बहुत से है। नॉन एल्कॉहिलिक के…

  2. दोनों ही प्रकार के साइडर में एन्टीऑक्सीडेन्ट की प्रचुर मात्रा होती है जो हृदय के लिये बहुत अच्छा होता है। इसके अलावा सेब के लगभग सभी गुण जैसे आयरन, फीनॉलिक्स आदि इसमें विद्यमान रहते हैं।

  3. संगीता पुरी

    ‘मदिरा ज्ञान’ शीर्षक देखकर तो कुछ बुरा लगा……..पर पढने पर लगा कि कुछ उपयोगी जानकारी मिल रही है।

  4. kuch samagh ata b hai or nahi b but no prob i will do it

  5. पिंगबैक: घर बैठे बनायें रेड वाइन | मदिरा ज्ञान

  6. पिंगबैक: स्वनिर्मित साइडर | मदिरा ज्ञान

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s