जिन्जर एल (Ginger Ale)

जिन्जर एल (Ginger Ale) या जिंजर बीयर (Ginger Beer) अदरक से बना एक पेय है जिसमें बहुत कम मात्रा या न के बराबर एल्कॉहल होता है। इसका प्रयोग एक सॉफ़्ट ड्रिंक की भाँति पीने के अलावा बहुत से कॉकटेल बनाने में होता। ये बाजार में कुछ सुपर स्टोर्स में मिल सकता है। इसे बहुत ही आसानी के साथ घर पर भी बनाया जा सकता है। जिन्जर एल को अन्य खट्टे फलों (सन्तरा, अनन्नास, नींबू आदि) के रस के साथ वोडका, लाइट रम या जिन में स्वादानुसार मिलाकर पिया जा सकता है। इसके अलावा जिन्जर एल व्हिस्की में मिलाकर भी पिया जाता है।

प्रस्तुत है इसे बनाने की दो विधियाँ:

बिना एल्कॉहल का जिन्जर एल: प्राकृतिक या जैविक विधि

सामग्री – अदरक (2 बड़े चम्मच), चीनी (1 कप, 200 ग्राम), यीस्ट (1/4 चम्मच), नींबू (2 या 3), शुद्ध जल (2 लीटर)

बनाने का समय – 10 मिनट और उसके बाद 36 से 48 घंटे किण्वन के लिये

विधि – सबसे पहले दो लीटर की एक प्लास्टिक वाली सॉफ़्ट ड्रिंक की बोतल को अच्छी तरह से गर्म पानी से साफ कर लें। अब उसमें एक कप चीनी, 2 बड़े चम्मच पिसा या अच्छी तरह से कूटा हुआ ताजा अदरक, 20 से 30 मिली लीटर नींबू का रस और चौथाई चम्मच जीवित यीस्ट (बेकिंग के लिये प्रयोग होने वाला) डाल दें। अब उसमें बोतल की गर्दन तक पानी डालें और ऊपर लगभग एक से डेढ़ इंच जगह छोड़ दें। अब बोतल का ढक्कन अच्छी तरह से बन्द करके तब तक हिलायें जब तक कि चीनी घुल न जाय। अब इसे कमरे के ताप पर (18 से 28 oC) किण्वन के लिये छोड़ दें। ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में किण्वन के फलस्वरूप कार्बन डाई ऑक्साइड गैस और एल्कॉहल बनता है। समय समय पर बोतल को दबाकर देखें, यदि वह दब रही है तो इसका मतलब है कि अभी और किण्वन की आवश्यकता है। यदि सब कुछ सही रहा तो 36 से 48 घंटे में 2 लीटर जिन्जर एल तैयार हो जायेगा। इसके बाद इसे फ्रिज मे रख दें जिससे कि और किण्वन रुक जाय। यह एक प्राकृतिक रूप से कार्बोनेटेड पेय है और कोल्ड ड्रिंक का अच्छा विकल्प है।

सावधानी काँच की बोतल का प्रयोग कदापि न करें क्योंकि किण्वन के फलस्वरूप बनने वाली कार्बन डाई ऑक्साइड गैस से बने दबाव से उसके टूटने की प्रबल सम्भावना रहती है। यद्यपि इस विधि से बनाये गये जिन्जर एल के खराब होने की काफी कम सम्भावना है फिर भी प्रयोग की जाने वाली सभी चीजों की सफाई का ख़ास ध्यान दें क्योंकि अन्य अनुपयुक्त बैक्टीरिया भी जैविक क्रिया में भाग ले सकते हैं। इस प्रकार बने जिन्जर एल में 0.4% से कम एल्कॉहल होता है जोकि एक एल्कॉहलीय श्रेणी के पेय के लिये पर्याप्त नहीं है, परन्तु यदि आप एल्कॉहल के प्रति एलर्जिक हों या आपकी धार्मिक भावनायें किसी भी मात्रा में एल्कॉहल सेवन को निषिद्ध करती हैं तो इसका सेवन न करें।

बिना एल्कॉहल का जिन्जर एल: कृत्रिम विधि

सामग्री – अदरक (1 बड़ा चम्मच), चीनी (1 कप, 200 ग्राम), नींबू (2 या 3 नींबू) और सोडा वाटर (दो लीटर)

बनाने का समय – 30 मिनट

विधि – यदि आपके पास जिन्जर एल बनाने के लिये 2 दिन का समय न हो तो इस विधि का प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिये पतीले में 2 कप पानी लेकर उसमें एक कप चीनी और एक बड़ा चम्मच अदरक कूटकर मिलायें और 5 मिनट के लिये तेज आँच पर उबालें। अच्छी तरह से मिलायें और ठंडा होने पर उसमें नींबू का रस मिला दें। अब इसमें ठंडा सोडा वाटर मिलाके इसे पिया जा सकता है। इस प्रकार से बने जिन्जर एल में एल्कॉहल बिल्कुल नहीं होता है। स्वाद के मामले में ये जैविक जिन्जर एल से थोड़ा निकृष्ट होता है परन्तु इसे बनाने के लिये 2 दिन की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती।

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6 टिप्पणियाँ

Filed under कॉकटेल

6 responses to “जिन्जर एल (Ginger Ale)

  1. हमारी एक परिचित क्रिश्चियन पड़ोसी क्रिसमस के पर्व पर यह बनाती थीं-क्रिसमस से पहले -वह लगभग एक महिना-कुछ[??]छनते रहने देती थीं–उन्होंने कभी भी हमें इस की विधि नहीं बताई.और २५ को हमें भी केक के साथ थोड़ा देती थीं–बहुत ही स्वादिष्ट लगती थी.आज आप के ब्लॉग पर यह विधि देखी–देखते हैं बना कर वही स्वाद आता है या नहीं..धन्यवाद.

  2. यदि जिन्जर एल को बनने में एक माह लगता है तो निश्चित ही इसमें सार्थक मात्रा में एल्कॉहल होगा (लगभग 4 से 6%, सामान्य बियर जितना)। इसे बनाना थोड़ा मुश्किल काम है और सावधानी भी अधिक बरतनी पड़ती है। इसे बनाने के लिये पहले यीस्ट कल्चर उगाना पड़ता है जिसमें रोज यीस्ट को थोड़ा थोड़ा चीनी और अदरक का मिश्रण खिला कर वायु की उपस्थिति में उसकी जनसंख्या बढ़ाने का अवसर देते हैं। लगभग एक सप्ताह में ये तैयार हो जाता है। उसके बाद इस मिश्रण का रस छानकर उसे हल्के मीठे चीनी के घोल में मिलाकर बन्द बोतलों में 2 से 3 सप्ताह के लिये किण्वन के लिये छोड़ देते हैं। इसे बनाने के लिये ठीकठाक स्तर की निपुणता की आवश्यकता है क्योंकि थोड़ी सी भी असावधानी से सबकुछ बरबाद हो सकता है। इसलिये मैं इसे बनाने की सलाह नहीं देता परन्तु इंटरनेट पर थोड़ी सी शोध के बाद यह निपुणता हासिल की जा सकती है।

    इस पोस्ट में बताया गया जिन्जर एल बिना एल्कॉहल का है और इसे कोल्ड ड्रिंक के विकल्प के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। मैनें इस पोस्ट में बताई विधि से स्वयं जिन्जर एल बनाया है और निश्चय ही यह कोल्ड ड्रिंक से सस्ता एवं पोषकता और स्वाद में कई गुना अच्छा होता है। डाइबेटिक मरीजों के लिये इसमें चीनी की मात्रा कम करके (2 चम्मच) और बाद में स्वादानुसार कृत्रिम मिठास (शुगर फ़्री) मिलाकर बनाया जा सकता है।

  3. इस जानकारी के लिये धन्यवाद,
    हाँ याद आया इसे “जिन्जर वाइन” कहते हैं।

  4. जैविक ऐल की सामिग्री में आपने 2-3 नींबू बताये हैं पर विधि में नींबू की चर्चा नहीं है। कृपया स्थिति स्पष्ट करें।

  5. अल्पना जी: जिंजर वाइन दरअसल सामान्य व्हाइट वाइन में अदरक डाल कर बनाई जाती है जो कि जिंजर एल या जिंजर बीयर से काफी अलग होती है|

    अमर जी: त्रुटी इंगित करने के लिए धन्यवाद… उपयुक्त संशोधन कर दिया गया है|

  6. BHANWER SINGH KHANGAROT RETA

    मै परम्परागत शराब बनाने की विधि जानना कहता हू जैसे की इलायेची वाली,गुलाब वाली आदि.

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