मदिरापान के पात्र: भाग 2 (स्टेमवेयर)

पिछली पोस्ट में हमने बियर पीने में प्रयुक्त होने वाले गिलासों के बारे में जाना। आइये इस पोस्ट में स्टेमवेयर या तने वाले गिलासों के बारे में जानते हैं। इन गिलासों की धारण क्षमता प्रायः 150 से 300 मिली तक होती है। गिलास का मुँह अपेक्षाकृत छोटा होता है इस कारण मदिरा की सुगन्ध एकत्रित होकर अधिक आती है। इनके तने का मुख्य उद्देश्य यह है कि गिलास को उसके तने से पकड़ा जाय ताकि न तो मदिरा का तापमान प्रभावित हो और न ही ऊपर के प्याले वाले भाग में उँगलियों के दाग़ लगें जिससे मदिरा का रंग प्रभावित हो। इन गिलासों में अक्सर महँगी मदिरा जैसे वाइन, शेम्पेन, स्कॉच, ब्रांडी और कोनयाक इत्यादि और कॉकटेल पिया जाता है। आकार और आयतन के आधार पर इनके कई प्रकार हो सकते है और इनका नामकरण प्रायः इसमें पी जाने वाली प्राथमिक मदिरा के अनुसार होता है।

वाइन ग्लास (wine glass): वाइन ग्लास सबसे अधिक प्रचलित स्टेमवेयर है। वाइन के प्रकार के आधार पर इसमें कुछ विविधता होती है। नीचे दिये गये चित्र में रेड वाइन, व्हाइट वाइन और शेरी ग्लास (Sherry glass) प्रदर्शित हैं।

रेड वाइन, व्हाइट वाइन और शेरी ग्लास

रेड वाइन, व्हाइट वाइन और शेरी ग्लास

शेम्पेन फ्लूट (Champagne flute): इसमें एक लम्बा तना और पतला प्याला होता है। इसे भी तने से पकड़ा जाता है ताकि मदिरा का तापमान प्रभावित न हो।

शेम्पेन फ्लूट

शेम्पेन फ्लूट

शेम्पेन कूप (Champagne coupe): शेम्पेन कूप या शेम्पेन सॉसर भी एक लम्बे तने वाला शेम्पेन ग्लास है यद्यपि अब यह प्रायः कॉकटेल के लिये ही प्रयोग में आता है। इसके बारे में यह मिथक प्रचलित है कि इसका साँचा 18 वीं सदी की फ्रांसीसी रानियों (मेरी एंट्वनेट, ज़ोज़ेफ़ीन डा बोआरने, मडाम डा पॉम्पाडोर आदि) के स्तनों से ढालकर बनाया गया था। निश्चय ही यह सत्य से काफ़ी दूर है।

शेम्पेन कूप

शेम्पेन कूप

ब्रांडी स्निफ़्टर (Brandy snifter): इसका आयतन लगभग 180 से 250 मिली तक होता है पर एक बार में 100 मिली से कम ही लिया (दिया) जाता है। इसका मुँह और तना अपेक्षाकृत छोटे होते है जिससे के हाथ की गर्मी से ब्रांडी का वाष्पन हो और उसकी सुगन्ध का अनुभव आसानी से किया जा सके।

ब्रांडी स्निफ़्टर

ब्रांडी स्निफ़्टर

ट्यूलिप ग्लास (Tulip glass): इस गिलास का प्याला ट्यूलिप के पत्ते के आकार का होता है। इसका आयतन अपेक्षाकृत अधिक (250-400 मिली) होता है। इसका प्रयोग कुछ सुगन्धित एल बीयर, स्कॉच और कोनयाक पीने में किया जाता है।

ट्यूलिप ग्लास

ट्यूलिप ग्लास

मार्टीनी ग्लास (Martini glass): इसे कॉकटेल ग्लास भी कहते हैं। इसका ऊपर का प्याला शंक्वाकार होता है जिसका ऊर्ध्वकोण लगभग 90o होता है। इसका प्रयोग मार्टीनी[1] और अन्य कॉकटेल परोसने में किया जाता है।

मार्टीनी या कॉकटेल ग्लास

मार्टीनी या कॉकटेल ग्लास

मार्गरीटा ग्लास (Margarita glass): यह शेम्पेन कूप का ही एक रूपान्तरण है जो मार्गरीटा[2] परोसने में प्रयुक्त होता है।

मार्गरीटा ग्लास

मार्गरीटा ग्लास

अगली पोस्ट में हम बचे हुये कुछ और गिलासों के बारे में जानेंगे।

__________

[1] मार्टीनी; वोडका/जिन, वर्मूथ और जैतून से बनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध कॉकटेल है।
[2] मार्गरीटा; टेक़ीला, नींबू और सन्तरे के स्वाद वाले लिकूर (liqueur) ट्रिपल सेक (Triple sec) से बनाया जाने वाला कॉकटेल है।

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